मुस्लिम समुदाय मे कुंडे नियाज़ की मुबारकबाद” (Kunde Niyaz Ki Mubarakbad) का मतलब

“कुंडे नियाज़ की मुबारकबाद” (Kunde Niyaz Ki Mubarakbad) का मतलब है कि 22 रजब, (12 जनवरी 2026 सोमवार )के मुबारक मौके पर, जो इमाम जाफ़र सादिक (AS) की याद में मनाया जाता है, सभी को बधाई देना, जिसमें ‘कुंडे’ (मिट्टी के बर्तन) में खीर, पूरी, और मीठी टिकिया बनाकर फातिहा की जाती है और दुआएं मांगी जाती हैं, खासकर बरकत और मुश्किलात हल होने के लिए. यह मुस्लिम समुदाय में एक महत्वपूर्ण रस्म है जिसमें अल्लाह से इमाम (AS) के वास्ते से दुआ कबूल होने की उम्मीद की जाती है.
कुंडे नियाज़ क्या है?
यह रजब (इस्लामी कैलेंडर का सातवां महीना) की 22 तारीख को मनाया जाने वाला एक सूफी पर्व है, जो इमाम जाफ़र सादिक (AS) की याद में होता है.
इस दिन मिट्टी के बर्तनों (कुंडों) में मीठी चीजें (खीर, पूरी, हलवा, टिकिया) बनाकर फातिहा की जाती है.
लोग अल्लाह से दुआ करते हैं कि इमाम (AS) के फैज़ से उनकी दुआएं कबूल हों, रिज़क़ में बरकत हो, और परेशानियां दूर हों.
मुबारकबाद के लिए कुछ तरीके:
आप इस अवसर पर लोगों को इस तरह मुबारकबाद दे सकते हैं:
“आपको और आपके परिवार को 22 रजब, (12 जनवरी 2026 सोमवार) के कुंडे नियाज़ की बहुत-बहुत मुबारकबाद! अल्लाह इमाम जाफ़र सादिक (AS) के सदके आपकी सभी जायज़ दुआएं कबूल फरमाए।”
“कुंडे नियाज़ मुबारक! अल्लाह इस मुबारक मौके पर आपके घर में बरकत, शिफा और रिज़क़ अता फरमाए। आमीन।”
“22 रजब के मुबारक दिन पर सभी मोमिनों को कुंडे नियाज़ की दिली मुबारकबाद। इमाम (AS) का फैज़ हर किसी पर हो।”
“इस पावन अवसर पर, इमाम जाफ़र सादिक (AS) की नियाज़ के साथ, आपकी हर मुश्किलात दूर हो, बहुत-बहुत मुबारकबाद!”




