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मोहम्मदाबाद में अकीदत व एहतराम के साथ मनाई गई शबे-बारात, क़ब्रिस्तानों व मस्जिदों में रहा रूहानी माहौल

*मोहम्मदाबाद में अकीदत व एहतराम के साथ मनाई गई शबे-बारात, क़ब्रिस्तानों व मस्जिदों में रहा रूहानी माहौल*

मोहम्मदाबाद (गाजीपुर)
गाजीपुर जनपद के मोहम्मदाबाद क्षेत्र में शबे-बारात का मुक़द्दस पर्व पूरे अकीदत, एहतराम और सच्चे जज़्बात के साथ मनाया गया। इस मौके पर मुस्लिम समाज के लोगों ने इबादत, तिलावत और दुआओं के ज़रिए अल्लाह तआला से मग़फिरत व रहमत की फ़रियाद की।
शबे-बारात के मुबारक अवसर पर बड़ी संख्या में लोग विभिन्न क़ब्रिस्तानों में पहुँचे, जहाँ उन्होंने अपने मरहूम बुज़ुर्गों की क़ब्रों पर फातिहा-ख़्वानी की, कुरआन-ए-पाक की तिलावत की तथा उनके लिए मग़फिरत और जन्नत-उल-फ़िरदौस की दुआएँ मांगीं। क़ब्रों पर फूल, अगरबत्ती और चिराग़ रोशन किए गए। इस दौरान लोगों की आँखों में अपने अज़ीज़ों की यादें साफ़ झलकती रहीं। देर रात तक क़ब्रिस्तानों में आमद-ओ-रफ़्त का सिलसिला जारी रहा।
मस्जिदों में विशेष नमाज़, नफ़्ल इबादत और दुआओं का आयोजन हुआ, जिससे पूरे इलाके में रूहानी माहौल कायम रहा। वहीं घरों में भी खास़ इंतज़ाम किए गए। महिलाओं ने हलवा, ज़र्दा समेत विभिन्न पकवान तैयार किए, बच्चों में मिठाइयाँ बाँटी गईं और पड़ोसियों के साथ भी खुशियाँ साझा की गईं।
इस पाक रात को रहमत, बरकत और बख़्शिश की रात माना जाता है। लोग अपने गुनाहों से तौबा कर बेहतर मुक़द्दर और नेक राह की दुआ करते हैं। शबे-बारात का पैग़ाम यही है कि इंसान अपने आमाल की इस्लाह करे, बुज़ुर्गों को याद रखे, ग़रीबों व ज़रूरतमंदों की मदद करे और समाज में मोहब्बत, भाईचारे व इंसानियत को मज़बूत बनाए।

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