रोटी के लिए गेहूं चुराना पड़ा भारी, खेत मे गेहूं का बोझा चोरी करने के मामले मे पुलिस ने एक अभियुक्त को भेजा जेल

*“रोटी के लिए गेहूं चुराना भी बड़ा जुर्म!” — छोटी चोरी पर सख्ती, बड़े अपराधी अब भी बाहर*
गाजीपुर। मुहम्मदाबाद थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने कानून की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां पुलिस ने महज दो बोझा गेहूं चोरी के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में अलग-अलग तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
पुलिस के अनुसार, 8 अप्रैल 2026 को चलाए जा रहे अभियान के तहत उपनिरीक्षक रामाश्रय यादव ने अपनी टीम के साथ ग्राम सुल्तानपुर के पास एक आम के बगीचे से सूरज राम (निवासी चक अब्दुल खैर) को गिरफ्तार किया। आरोप है कि उसने दो बोझा गेहूं चोरी किया था, जिसे उसने अपने छप्पर में सरसों के डंठलों के नीचे छिपा दिया था। मौके से कुछ गेहूं के बाल भी बरामद होने की बात कही जा रही है।
पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए आरोपी को जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लेकिन इस घटना के बाद इलाके में एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
लोगों का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति अपनी भूख मिटाने के लिए गेहूं चुरा लेता है, तो उस पर इतनी सख्त कार्रवाई होती है। वहीं दूसरी ओर, अवैध तस्करी, बड़े अपराध और गंभीर मामलों में शामिल कई आरोपी खुलेआम घूमते नजर आते हैं।
यह मामला आम जनता के बीच चर्चा का विषय बन गया है—क्या अब “रोटी के लिए गेहूं चुराना” भी बहुत बड़ा जुर्म हो गया है? और क्या कानून की सख्ती सिर्फ कमजोर और छोटे लोगों पर ही लागू होती है…




