
दीवानी न्यायालय में धूमधाम से मनाई गई गांधी व शास्त्री जयंती।
माननीय न्यायाधीशों व अधिवक्ताओं ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अर्पित किया।
मुहम्मदाबाद यूसुफपुर (गाजीपुर)। स्थानीय दीवानी न्यायालय भवन परिसर में बुधवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती राष्ट्रीय पर्व के रूप में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं वादकारियों ने दोनों महापुरुषों के चित्र एवं प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम के दौरान माननीय सिविल जज जूनियर डिवीजन कक्ष संख्या-1, माननीय रंजीत कुमार जायसवाल, कक्ष संख्या-2 तथा माननीय न्यायाधीश मनोज कुमार यादव ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित कर उन्हें नमन किया। सेंट्रल बार एसोसिएशन के वर्तमान अध्यक्ष दयाशंकर दुबे व सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष सिंह यादव व चंद्र प्रकाश राय ने भी पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके पश्चात बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने गांधी जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए।
बार भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय न्यायाधीश रंजीत कुमार जायसवाल ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देशवासियों को स्वराज की राह दिखाई और सत्य, अहिंसा तथा समानता का संदेश दिया। गांधी जी किसी के साथ भेदभाव नहीं करते थे और समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते थे।
वहीं माननीय न्यायाधीश मनोज कुमार यादव ने महात्मा गांधी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गांधी जी का जन्म वर्ष 1869 में गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। उच्च शिक्षा के लिए वे लंदन गए और कानून की शिक्षा प्राप्त कर बैरिस्टर बने। भारत लौटने के बाद उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए सत्याग्रह और अहिंसा को अपना प्रमुख हथियार बनाया। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने बिना अस्त्र-शस्त्र उठाए सत्य और अहिंसा के बल पर अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध व्यापक जनआंदोलन खड़ा किया और देश को स्वतंत्रता की दिशा में आगे बढ़ाया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों, सादगी, सत्यनिष्ठा एवं राष्ट्रसेवा को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सेंट्रल बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, बड़ी संख्या में अधिवक्तागण एवं वादकारीगण उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण श्रद्धा, देशभक्ति और राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत रहा।




