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खेत विवाद में महिला ने लगाया मारपीट और धमकी का आरोप, मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार

शाहनवाज़ अहमद

*खेत विवाद में महिला ने लगाया मारपीट और धमकी का आरोप, मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार*

 

*भांवरकोल, गाजीपुर:* थाना क्षेत्र भांवरकोल अंतर्गत ग्राम नकटीकोल की एक महिला द्वारा मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को प्रार्थना पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाए जाने का मामला सामने आया है। महिला ने गांव के कुछ लोगों पर खेत विवाद को लेकर मारपीट, अभद्र व्यवहार, हाथ मरोड़ने तथा बेटे के साथ मारपीट कर जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है।

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम नकटीकोल निवासी माया राय पत्नी रामअवतार राय ने मुख्यमंत्री को भेजे गए शिकायती पत्र में बताया है कि वह गांव स्थित आराजी संख्या-87 की भूमि पर सहखातेदारों के साथ कब्जेदारी एवं खेतीबाड़ी करती हैं। महिला के अनुसार आर्थिक आवश्यकता के चलते उन्होंने और उनके पति ने अपनी हिस्सेदारी की 8 बिस्वा 8 धूर भूमि का बैनामा अमजद अंसारी पुत्र वकील अंसारी निवासी मुर्की अगाध, थाना मुहम्मदाबाद के पक्ष में किया था, जिसका नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज हो चुका है।

 

महिला ने अपने प्रार्थना पत्र में उल्लेख किया है कि उक्त भूमि में उनका कुछ हिस्सा अब भी शेष है, जिस पर उनकी सास मोतीरानी द्वारा किए गए वसीयतनामा के आधार पर उनका अधिकार है। आरोप है कि 11 मई 2026 को करीब तीन बजे वह अपने पुत्र अमन राय के साथ खेत की जुताई कराने पहुंची थीं। इसी दौरान गांव के ही रामविलास, रविशंकर राय, रामाश्रय राय, रामप्रवेश राय तथा पृथ्वीराज उर्फ दहशी राय वहां पहुंच गए।

 

महिला का आरोप है कि उक्त लोगों द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया तथा विरोध करने पर उनके पुत्र अमन राय के साथ मारपीट की गई। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि बीच-बचाव करने पर उनका हाथ मरोड़ दिया गया, जिससे उन्हें चोटें आईं। प्रार्थना पत्र में गाली-गलौज तथा जान से मारने की धमकी देने का भी उल्लेख किया गया है।

 

महिला ने बताया कि घटना के बाद वह शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस चौकी मच्छटी पहुंचीं, जहां राजेश यादव नामक व्यक्ति उनके साथ मौजूद रहे। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर रामविलास द्वारा गांव की एक महिला पिंकी राय को उकसाकर राजेश यादव एवं पीड़िता के खिलाफ उच्च अधिकारियों के समक्ष गलत तथ्यों के आधार पर शिकायत प्रस्तुत कराई गई। महिला ने अपने पत्र में स्पष्ट लिखा है कि राजेश यादव का घटना से कोई संबंध नहीं है और उन्होंने केवल मानवीय आधार पर मदद की थी।

 

पीड़िता का कहना है कि घटना के बाद भी आरोपितों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे उनका परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन यापन कर रहा है। महिला ने मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग की है।

 

फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं बनी हुई हैं। हालांकि समाचार लिखे जाने तक पुलिस प्रशासन की ओर से किसी आधिकारिक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हो सकी थी।

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