माई जी कुटिया परिसर में सजी काव्य संध्या, कवियों ने देशभक्ति, हास्य और समसामयिक मुद्दों पर बांधा समां
रेयाज अहमद की रिपोर्ट

दिलदारनगर (गाजीपुर)। नगर के माई जी कुटिया परिसर में पत्रकार संघ के तत्वावधान में शनिवार की रात आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में काव्य की अविरल धारा बही। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों एवं कवियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन तथा कवयित्री विभा सिंह की सरस्वती वंदना से हुआ।
कवि सम्मेलन में देशभक्ति, श्रृंगार, हास्य-व्यंग्य और समसामयिक विषयों पर प्रस्तुत कविताओं ने श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा। कवि हेमंत निर्भीक ने अपनी देशभक्ति से ओतप्रोत कविता “तिरंगे में लिपट कर देख तेरा ये लाल आया है…” सुनाकर पंडाल में देशभक्ति का माहौल बना दिया। वहीं सीतापुर से आईं कवयित्री पिंकी अरविंद प्रजापति ने श्रृंगार रस की रचनाओं से श्रोताओं का मन मोह लिया।

हास्य कवि डंडा बनारसी ने राजनीतिक व्यंग्य से भरपूर कविताएं सुनाकर लोगों को खूब गुदगुदाया। मिर्जापुर की कवयित्री पूनम श्रीवास्तव ने “अगर मुझसे कोई पूछे जन्नत कहाँ है…” जैसी पंक्तियों के माध्यम से देशप्रेम का संदेश दिया। मध्य प्रदेश के सतना से आए हास्य कवि रवि चतुर्वेदी ने अपनी व्यंग्यात्मक कविताओं से श्रोताओं को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया।
हास्य कवि फजीहत गहमरी ने सामाजिक और राजनीतिक विसंगतियों पर तीखे व्यंग्य प्रस्तुत किए, जबकि कवयित्री विभा सिंह ने प्रेम और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित रचनाएं सुनाईं। देवरिया से पहुंचे कवि पंडित भूषण त्यागी ने देशभक्ति और राष्ट्रहित से जुड़ी कविताओं के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। स्थानीय कवि खुर्शीद दिलदारनगरी ने भी अपनी रचनाओं की प्रभावशाली प्रस्तुति दी।

मुख्य अतिथि विधायक ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण है। जब राजनीति लड़खड़ाती है तो साहित्यकार और पत्रकार समाज को सही दिशा दिखाने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन हिंदी साहित्य के संरक्षण एवं सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देते हैं।
नगर पंचायत अध्यक्ष अविनाश जायसवाल ने कहा कि कवि सम्मेलन जैसे आयोजन समाज को नई दिशा देने के साथ लोगों को साहित्य से जोड़ने का कार्य करते हैं। वाराणसी के सर्जन डॉ. विवेकानंद राय ने भी आयोजन की सराहना करते हुए आयोजकों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में दिनेश प्रधान, प्रवीण जायसवाल, उमेश वर्मा, अजीत गुप्ता, शोभा जायसवाल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।




